
*पांढुर्णा में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक: कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ का सख्त संदेश, लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई*
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा। जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा को लेकर कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा में कई गंभीर कमियां उजागर होने पर कलेक्टर का रुख कड़ा दिखाई दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि शासन की योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*आंगनबाड़ी संचालन और पोषण ट्रैकर पर नाराज़गी*
समीक्षा के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की उपस्थिति, नाश्ता वितरण और पोषण ट्रैकर पर डेटा एंट्री की स्थिति पर चर्चा की गई। कई केंद्रों पर जानकारी अधूरी और अद्यतन न मिलने पर कलेक्टर ने गहरी नाराज़गी व्यक्त की और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
*APAAR आईडी और आधार समन्वय पर विशेष जोर*
बैठक में APAAR आईडी निर्माण की धीमी प्रगति पर भी चिंता जताई गई। आधार कार्ड के अभाव में आ रही बाधाओं को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मोनिका बिसेन को निर्देशित किया कि पांढुर्णा और सौसर क्षेत्र के बीएमओ तथा जनपद पंचायत सीईओ के साथ समन्वय बनाकर जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे का डेटा पोषण ट्रैकर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए तथा उसकी APAAR आईडी सुनिश्चित की जाए।
*आभा आईडी और डेटा गुणवत्ता पर सख्ती*
आभा आईडी निर्माण की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर कलेक्टर ने स्वयं मैदानी निरीक्षण करने की बात कही। नांदनवाड़ी और पांढुर्णा क्षेत्र में 19 फरवरी से 19 मार्च तक की समय-सीमा तय करते हुए संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सप्लीमेंट और न्यूट्रीशन रिपोर्ट के दैनिक अपडेट में कमी पाए जाने पर भी संबंधित कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई।
*कुपोषण पर फोकस, जवाबदेही तय करने के संकेत*
नवचिन्हित गंभीर कुपोषित बच्चों के पंजीकरण, ग्राम पंचायतवार सूची और भूख जांच की स्थिति की समीक्षा के दौरान आंकड़े संतोषजनक नहीं पाए गए। इस पर कलेक्टर ने स्पष्ट संकेत दिए कि अब जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में एसडीएम अलका एक्का, संयुक्त कलेक्टर सुमेघा शर्मा, एसडीएम सौसर सिद्धार्थ पटेल, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मोनिका बिसेन, जनपद पंचायत सीईओ बंदू सूर्यवंशी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजकुमार ईवनाती, बीएमओ, आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सुपरवाइजर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
अंत में कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सीधे कार्रवाई की जाएगी।